Big Deal: फिर TATA की हुई Air India, कभी कच्‍ची कोठरी से शुरू हुआ था सफर

एयर इंडिया के लिए बोली में टाटा समूह ने सबसे ऊंची बोली लगाई, टाटा ग्रुप ने ही 68 साल पहले इसे स्थापित किया था

नई दिल्ली। एजेंसयिां

लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार एयर इंडिया की घर वापसी हो गई है। टाटा ग्रुप ने एंयर इंडिया को फिर से खरीद लिया है। बहुत कम ही लोग जानते होंगे क‍ि कभी एयर इंडिया टाटा एयरलाइन के नाम से जानी जाती थी। टाटा ग्रुप ने ही 68 साल पहले इसे स्थापित किया था।

शुक्रवार को एयर इंडिया में फिर से जान फूंकने के उद्देश्‍य से टाटा समूह ने 18 हजार करोड़ रुपये चुकाकर इसे खरीद लिया। एयर इंडिया के लिए बोली में टाटा समूह ने सबसे ऊंची बोली लगाई। अब एयर इंडिया के देश-दुनिया में फिर से नई पहचान बनाने की उम्‍मीद जगी है।

कभी सवारी की जगह मिलती थी चिट्ठी

सबसे पहले मालवाहन उड़ान के रूप में टाटा एयरलाइन को शुरुआत में सवारियों की जगह चिट्ठी ढोर शुरुआत करनी पड़ी। तब उसे महज चार आने मिलते थे। सन् 1953 में टाटा एयरलाइंस का राष्ट्रीयकरण हो गया। 1962 में यह दुनिया की पहली जेट श्रेणी के सभी विमान रखने वाली ऑल जेट एयरलाइन कंपनी बनी थी।

रोचक है एयर इंडिया का इतिहास

बताते हैं क‍ि शुरुआती दौर में टाटा एयरलाइंस ने मुंबई के जुहू के पास एक कच्चे मकान में अपना ऑफिस खोलकर कारोबार की शुरुआत की  थी। जहां मैदान मिला उसे रनवे बना लिया। शुरुआत में टाटा एयरलाइंस  के पास दो छोटे सिंगल इंजन वाले हवाई जहाज, दो पायलट और तीन मैकेनिक थे।

2007 में इंडियन एयरलाइंस का विलय होने के बाद एयर इंडिया पर 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो गया। उसके बाद कंपनी की हालत खराब होती चली गई।

टाटा का होगा पूरा मालिकाना हक

टाटा ग्रुप को अब एयर इंडिया के घरेलू हवाई अड्डों पर 4,400 और 1,800 अंतरराष्ट्रीय लैंडिंग और पार्किंग स्‍पेस मिलेगा। एयर इंडिया की सस्ती एविएशन सेवा एयर इंडिया एक्सप्रेस की पूरी हिस्सेदारी मिलेगी।

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