Maharashtra: आखिर क्‍या है ‘हाइड्रोजन बम’ क्‍या फडणवीस करते थे जाली नोटों का कारोबार

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने महाराष्‍ट्र के पूर्व सीएम पर लगाए गंभीर आरोप, दाउद के करीबी से भी बताए संबंध

महाराष्‍ट्र। अंडरवर्ल्‍ड से एनसीपी नेता नवाब मलिक का कनेक्‍शन के आरोपों का करारा जवाब देते हुए मलिक ने पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

प्रेस कांफ्रेंस में दिग्‍गज एनसीपी नेता ने आरोप लगाया कि देवेंद्र फडणवीस मुख्‍यमंत्री रहने के दौरान नोटबंदी के बाद जाली नोटों का कारोबार कर रहे थे। मलिक का आरोप है क‍ि फडणवीस के संरक्षण में ही जाली नोट पाकिस्‍तान और दूसरे पड़ोसी देशों तक पहुंचे।

14 करोड़ के जाली नोट, बरामदगी दिखाई सिर्फ साढ़े आठ लाख की

मलिक ने आरोप लगाया कि नवंबर, 2016 को नोटबंदी के बाद देश में कई जगहों पर जाली नोट पकड़े गए थे, लेकिन महाराष्ट्र में पूरे एक साल तक एक भी केस सामने नहीं आया था। आठ अक्तूबर 2017 को 14 करेाड़ 56 लाख से ज्यादा जाली नोट पकड़े गए। लेकिन छापेमारी को मात्र आठ लाख 80 हजार बताकर मामले को फडणवीस ने दबा दिया। इस मामले में पकड़े गए आरोपियों को कुछ दिन बाद ही छोड़ दिया गया।

आखिर क्‍यों दाऊद के करीबी रियाज के साथ दिखते हैं फडणवीस

नवाब मलिक ने फडणवीस पर ये भी आरोप लगाया कि उन्होंने माफिया मुन्ना यादव को कंस्ट्रक्शन बोर्ड का अध्यक्ष बनाया। मुन्‍ना पर हत्या के कई मामले दर्ज हैं। उन्‍होंने आरोप लगाया कि हाईड्रोजन बम वाले अंडरवर्ल्‍ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी रियाज भाटी से पूर्व सीएम फडणवीस का क्‍या रिश्‍ता है। वह उसके साथ कई बार देखे गए हैं।

डबल पासपोर्ट रखने के आरोपी को दो दिन में कैसे मिली जामनत

मलिक ने आगे कहा कि दाउद इब्राहिम का करीबी रियाज भाटी दो पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया था। लेकिन उसे दो दिन में जमानत मिल गई। ये काम भी देवेंद्र फडणवीस ने किया।

 

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